बिहार राज्य प्रार्थना
मेरी रफ्तार पे सूरज की किरण नाज़ करे
ऐसी परवाज दे मालिक कि गगन नाज करे
वो नजर दे कि करुँ कद्र हरेक मज़हब की
वो मोहब्बत दे मुझे अमनो-अमन नाज़ करे
मेरी खुशबू से महक जाए ये दुनिया मालिक
मुझको वो फूल बना सारा चमन नाज़ करे
इल्म कुछ ऐसा दे मैं काम सबों के आऊँ
हौसला ऐसा ही दे गंग–जमन नाज़ करे
आधे रास्ते पे न रुक जाए मुसाफिर के कदम
शौक मंजिल का हो इतना कि थकन नाज़ करे
दीप से दीप जलाऐं कि चमक उठे बिहार
ऐसी खूबी दे ऐ मालिक कि वतन नाज़ करे
जय बिहार जय बिहार जय जय जय जय बिहार
लेखक: कवि एम. आर. चिश्ती

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